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Natur

Das richtige Maß für den Wald

Nur alle zehn Jahre ist im Staatswald große Inventur. Die Ergebnisse bestimmen die Holzerntemenge der Forstbetriebe.
Von Petra Schoplocher

Mit einer Kluppe ermittelt Inventurleiter Ludwig Arnold den Durchmesser dieser Fichte. Der Messwert wird wie Baumart und Höhe in eine Datenbank übertragen. Die bildet letztendlich die Grundlage für den Wirtschaftsplan des Forstbetriebs Roding für ganze zehn Jahre. Foto: Schoplocher
Mit einer Kluppe ermittelt Inventurleiter Ludwig Arnold den Durchmesser dieser Fichte. Der Messwert wird wie Baumart und Höhe in eine Datenbank übertragen. Die bildet letztendlich die Grundlage für den Wirtschaftsplan des Forstbetriebs Roding für ganze zehn Jahre. Foto: Schoplocher

Waldmünchen.Drei Zentimeter hat die Buche in den vergangenen Jahren zugelegt, die Ludwig Arnold da gerade ganz genau betrachtet und vermisst. Durchmesser 41, notiert der Inventurleiter. Eine Zahl von hunderttausenden, die über die Zukunft der Wälder im Forstbetrieb Roding entscheiden. Arnolds Messwert fließt in eine riesengroße Datenmenge ein, anhand derer die Bayerischen Staatsforsten ihre Wirtschaftspläneerstellen. Alle zehn Jahre werden die 41 Forstbetriebe inventarisiert – mehr ein halbes Jahr lang: so aufwendig und folglich so aussagekräftig ist das Verfahren.

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Ein Metalldetektor verrät Ludwig Arnold, wo die Magnete genau sind, die vor zwölf Jahren gesetzt wurden. Sie bilden die Inventurpunkte. Neben moderner Technik sind Genauigkeit und Sorgfalt unabdingbar für belastbare Daten. Foto: ps

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Totes und zerfallendes Holz ist Lebensgrundlage für unzählige Tier- und Pflanzenarten sowie Pilze. Deshalb werden sie von den Staatsforsten im Wald gezielt angereichert und bei den Inventuren mit begutachtet – auch wenn man sich dafür schon mal durchkämpfen muss. Foto: ps

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Förster Hans-Norbert Dirscherl (links), in dessen Revier der Inventurpunkt in der „Spatzenwiese“ liegt, durfte sich über ein Kompliment von Ludwig Arnold freuen. In Waldmünchen ist ihm seine Tochter zur Hand gegangen. Stolz auf diesen Wald ist auch Betriebsleiter Rudi Zwicknagl. Foto: ps

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